श्री अजय विश्नोई जी के वक्तृत्व को यहाँ पढ़ें…

  • रामायण, एक ग्रंथ मात्र ना होकर, जीवमात्र के जीवन के हर पहलू में विधमान सार है।
  • अच्छा काम करते रहो कोई सम्मान करे या न करे , सूर्य उदय तभी होता है जब करोडो लोग सोये होते है ।
  • महाभारत, हम सब में है बस उसे पहचानने की देरी है
  • सबको साथ लेकर चलना है, बढ़ना है और बढ़ते ही रहना है।